हॉस्पिटल विजिट – करुणा (बदला हुआ नाम) की कहानी
May 26, 2026 | Contributed by Rahul Ray

मैंने पिछले महीने एक हॉस्पिटल विजिट किया था। वहाँ मेरी मुलाकात एक छोटी बच्ची से हुई, जिसका नाम करुणा (बदला हुआ नाम) है। करुणा की उम्र 4 साल है। उसे जन्म से ही दिल में छेद था, जिसकी वजह से उसे सांस लेने में तकलीफ होती थी। जब किसी बच्चे के दिल में जन्म से कोई समस्या होती है, तो उसे जन्मजात हृदय दोष कहा जाता है।
करुणा के पापा एक ड्राइवर हैं और उनकी महीने की सैलरी लगभग 15 हज़ार रुपये है।
मानसिकता
माँ-बाप अपने बच्चे को देखकर सबसे ज़्यादा खुश होते हैं, लेकिन जब वही बच्चा किसी तकलीफ में हो, तो वे अंदर ही अंदर बहुत टूट जाते हैं।
करुणा के माता-पिता की स्थिति भी कुछ ऐसी ही थी। जब करुणा को सांस लेने में तकलीफ होती थी, तो उसके मम्मी-पापा उसे देखकर बहुत परेशान और दुखी हो जाते थे। उन्होंने आसपास के कई डॉक्टरों को दिखाया, लेकिन करुणा की परेशानी ठीक नहीं हो रही थी। दिल में छेद होने की वजह से उसकी तकलीफ धीरे-धीरे बढ़ने लगी। इस बीमारी के कई लक्षण होते हैं।
आइए उन्हें समझने की कोशिश करते हैं। जन्मजात हृदय दोष क्या है?
गर्भावस्था के दौरान कई बार बच्चे का दिल पूरी तरह विकसित नहीं हो पाता, जिसकी वजह से दिल में छेद रह जाता है। इसी समस्या को जन्मजात हृदय दोष कहा जाता है।
बच्चे के दिल में छेद के लक्षण
बच्चे के दिल में छेद के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। कई बार ये लक्षण तुरंत दिखाई नहीं देते।
- नवजात शिशु (जब बच्चा छोटा हो
- सांस लेने में तकलीफ होना
- दिल का तेज धड़कना
- वजन न बढ़ना
- दूध पीते समय सांस फूलना और सिर से पसीना आना
- बार-बार सर्दी, जुखाम और निमोनिया होना
- बार-बार तेज बुखार आना
- होंठऔर हाथ-पैर के नाखूनों का नीला पड़ना
जब बच्चा बड़ा हो
- सांस लेने में तकलीफ होना
- दिल का तेज धड़कना
- भूख कम लगना और कम खाना खाना
- वजन न बढ़ना
- बार-बार सर्दी, जुखाम और बुखार होना
- होंठऔर हाथ-पैर के नाखूनों का नीला पड़ना
- खेलते या दौड़ते समय सांस फूलना
ये लक्षण अक्सर जन्मजात हृदय दोष वाले बच्चों में दिखाई देते हैं।
जन्मजात हृदय दोष का इलाज
अगर new born baby ke dil me ched, है, तो परिवार वालों को अपने नज़दीकी पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए। पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट बच्चों के दिल की बीमारी के विशेषज्ञ डॉक्टर होते हैं। डॉक्टर बच्चे की जांच करके उसकी स्थिति को समझते हैं और फिर इलाज या ऑपरेशन के बारे में सलाह देते हैं।
करुणा का सफल इलाज
किसी ने करुणा के पापा को बताया कि दिल्ली एनसीआर में एक हॉस्पिटल है, जहाँ एक एनजीओ बच्चों के जन्मजात हृदय दोष के इलाज में मदद करती है। इसके बाद करुणा के पापा उसे लेकर फरीदाबाद के एक हॉस्पिटल गए। वहाँ डॉक्टरों ने जांच की और बताया कि ऑपरेशन से करुणा का सफल इलाज हो सकता है।
लेकिन इलाज में लाखों रुपये का खर्च था। एक 15 हज़ार रुपये महीने कमाने वाले पिता के लिए इतना बड़ा खर्च उठाना आसान नहीं था। इसलिए करुणा के पापा ने डॉक्टर को अपनी आर्थिक स्थिति के बारे में बताया और एनजीओ से मदद की उम्मीद जताई। डॉक्टर ने जेनेसिस फाउंडेशन से संपर्क किया और करुणा की पूरी मेडिकल और पारिवारिक जानकारी साझा की।
फाउंडेशन ने करुणा के केस को ध्यान से समझा और उसके इलाज के लिए मंजूरी दे दी। संस्था की अपनी एक प्रक्रिया होती है, जिसके बाद ही किसी बच्चे के इलाज को स्वीकृति मिलती है।
मंजूरी मिलने के अगले ही दिन करुणा की सर्जरी हुई। सर्जरी के बाद उसे आईसीयू में शिफ्ट किया गया। धीरे-धीरे उसकी सांस लेने की तकलीफ पूरी तरह ठीक हो गई और उसका ऑक्सीजन लेवल भी सामान्य हो गया।
भावना

करुणा की सर्जरी के बाद जब हम उससे मिलने गए, तब डॉक्टर ने उसके परिवार को बताया कि यही वे लोग हैं जिन्होंने उसकी बच्ची के इलाज का खर्च उठाया है। करुणा के पापा ने अब तक केवल फोन पर ही फाउंडेशन के टीम मेंबर्स की आवाज़ सुनी थी, लेकिन पहली बार वे उनसे आमने-सामने मिले थे।
पूरी टीम को देखकर उनकी आँखें नम हो गईं। जिस बच्ची के इलाज के लिए वे महीनों तक परेशान रहे, वही करुणा आज उनकी आँखों के सामने स्वस्थ और मुस्कुराती हुई खड़ी थी। फाउंडेशन की टीम ने परिवार से बात की और यह भी समझाया कि सर्जरी के बाद करुणा की देखभाल कैसे करनी है।
करुणा की तरह न जाने कितने बच्चे हैं, जो जन्मजात हृदय दोष से जूझ रहे हैं और जिन्हें सही समय पर इलाज की ज़रूरत है जेनेसिस फाउंडेशन जैसी कई संस्थाएँ दिल्ली एनसीआर में बच्चों के इलाज के लिए लगातार काम कर रही हैं और ज़रूरतमंद परिवारों की मदद कर रही हैं।
यदि आप बच्चों के जन्मजात हृदय रोग के बारे में अधिक जानना चाहते हैं या किसी जरूरतमंद बच्चे की मदद करना चाहते हैं, तो जेनेसिस फाउंडेशन, दिल्ली में बच्चों के इलाज के लिए NGO, से जुड़ सकते हैं।
फोन: +91 96506 03438
ईमेल: contactus@genesis-foundation.net
