गर्भावस्था के दौरान एक्स-रे: क्या यह शिशु के दिल को नुकसान पहुंचा सकता है? - Blog

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गर्भावस्था के दौरान एक्स-रे: क्या यह शिशु के दिल को नुकसान पहुंचा सकता है?

November 3, 2025 | Contributed by Rahul Ray

"गर्भावस्था

आईए जानते है की एक्स-रे क्या है और किस प्रकार से काम करता है?

एक्स-रे एक प्रकार की आयनीकरण विकिरण है, जिसका उपयोग शरीर के अंदर की तस्वीरें लेने के लिए किया जाता है।

कम-डोज़ वाले एक्स-रे जैसे की दांत या छाती का एक्स-रे, इस प्रकार के एक्स-रे से बच्चे को किसी भी प्रकार की परेशानी होने की संभावना बहुत कम होती है। लेकिन जब पेट का एक्स-रे किया जाता है तो, तो विकिरण सीधे गर्भाशय तक पहुंच सकता है — तब सावधानी ज़रूरी होती है। शुरुआती 2–8 हफ्ते (जब बच्चे के अंग विकसित हो रहे होते हैं, जिसमें दिल भी शामिल है) सबसे नाज़ुक समय होता है।

क्या यह बच्चे के दिल को प्रभावित कर सकता है?

बहुत बड़े स्तर की विकिरण (जो सामान्य डायग्नोस्टिक एक्स-रे में नहीं होती) गर्भाशय के कोशिकाओं और अंगों को प्रभावित कर सकती है। लेकिन, सामान्य एक्स-रे (जैसे दांत, छाती, हाथ-पैर आदि) में इतनी विकिरण नहीं होती कि यह बच्चे के हृदय के विकास को नुकसान पहुंचाए। डॉक्टर हमेशा कोशिश करते हैं कि गर्भवती महिला को अनावश्यक एक्स-रे से बचाया जाए, या फिर सीसे की ढाल (लीड एप्रन ) का प्रयोग किया जाए ताकि विकिरण भ्रूण तक न पहुंचे ।

अगर किसी बच्चे के दिल में छेद (न्यू बोर्न बेबी हार्ट होल) है तो उसके इलाज के लिए कब और क्या करना चाहिए?

न्यू बोर्न बेबी हार्ट होल (बच्चे के जन्म के तुरंत) – जैसे ही बच्चे का जन्म होता है और डॉक्टर को पता चलता हैं की बच्चे के दिल में छेद है और ये बात जब डॉक्टर परिवार वालो को बताते है तो, ये बात सुनकर परिवार वाले घबरा जाते है और सोचने लग जाते है की बच्चे को जन्मजात हृदय दोष की समस्या कैसे हो गयी। आखिर ऐसी क्या गलती परिवार वालो से हो गयी की बच्चे को दिल में छेद हो गया। आईये जानते है गर्भावस्था के दौरान ऐसे कौन कौन से जन्मजात ह्रदय रोग के कारण है vजिससे बच्चे को जन्मजात हृदय दोष की समस्या होता है।

  • गर्भावस्था के दौरान मधुमेह (डाइबिटीस) का नियंत्रण न रखना
  • परिवार में दिल से सम्बंधित समस्या होना
  • गर्भावस्था के दौरान नशीली चीज़ो का सेवन करना जैसे की शराब , धूम्रपान
  • गर्भावस्था के दौरान बिना डॉक्टर के परामर्श के दवाईयां का सेवन करना

इन सभी जन्मजात ह्रदय रोग के कारण से बच्चे को जन्मजात हृदय दोष की समस्या होती है

जन्मजात हृदय रोग का इलाज के लिए क्या क्या करना चाहिए आईये जानते है –

  • गर्भावस्था से पहले और गर्भावस्था के दौरान मधुमेह (डाइबिटीस) को नियंत्रण कर के रखे
  • गर्भावस्था के दौरान कोई भी नशीली चीज़ो का सेवन करना न करे
  • गर्भावस्था के दौरान डॉक्टर के परामर्श से ही दवाईयां का सेवन करे
  • परिवार में यही किसी को दिल से सम्बंधित समस्या हो तो डॉक्टर को इसकी जानकारी ज़रूर दे
  • गर्भावस्था के दौरान अगर इस बात की जानकारी पता करना है की बच्चे को कोई दिल से सम्बंधित समस्या है या नहीं, इसके लिए फीटल इकोकार्डियोग्राफी करवा सकते है। अगर रिपोर्ट में बच्चे को जन्मजात हृदय दोष (न्यू बोर्न बेबी हार्ट होल) का पता चलता है तो आपको इसके इलाज के लिए क्या करना चाहिए

इसके लिए आगे की जानकारी कुछ इस प्रकार से है –

जन्मजात हृदय रोग का इलाज – जन्मजात हृदय रोग का इलाज उसके लक्षण और बच्चे के परिस्थिति के अनुसार होता है जैसे की

0 – 1 साल के बच्चे के अंडर आपको कुछ इस प्रकार से लक्षण दिखाई देगा –

  • बच्चे का वजन न बढ़ना
  • माँ के दूध का सेवन करते वक़्त लम्बी लम्बी सांस लेना और माथे पर पसीना आना
  • बच्चे का शारीरिक ग्रोथ न बढ़ना
  • बच्चे का हार्ट बीट तेज होना

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  • सांस लेने में समस्या होना
  • होठ और नाखूनों का नीला पढ़ना
  • बार बार सर्दी झुखाम, बुखार और निमोनिया होना

बच्चे के जन्म के बाद अगर ये सब लक्षण दिखाई देता है तो अपने नज़दीकी पीडिएट्रिशन डॉक्टर को दिखाए। पीडिएट्रिशन डॉक्टर बच्चे की जांच करते है और जांच करने के बाद, बच्चे को कार्डियक पीडिएट्रिशन डॉक्टर के पास रेफेर कर देते। क्यूंकि कार्डियक पीडिएट्रिशन डॉक्टर बच्चो के दिल का इलाज करते है। बच्चे की जन्मजात हृदय दोष के गंभीरता को समझने के लिए बच्चे का इकोकार्डियोग्राफी, एक्स- रे, ईसीजी करते है जिससे बच्चे के जन्मजात हृदय दोष के गंभीरता को समझते है। अगर डॉक्टर को लगता है की बच्चे को जन्मजात हृदय दोष की समस्या दवाइयों से ठीक हो जाएगा तो बच्चे को कुछ महीनो के लिए डॉक्टर दवाईयां खिलाने के लिए बोलते है और यदि डॉक्टर को लगता है की बच्चे का इलाज सर्जरी के माध्यम से ठीक हो पायेगा तो डॉक्टर परिवार वाले को बताते है की बच्चे की सर्जरी करनी पड़ेगी।

सर्जरी दो प्रकार की होती है – मिनिमल इनवेसिव और इनवेसिव

  • मिनिमल इनवेसिव – मिनिमल इनवेसिव सर्जरी में हार्ट को ओपन नहीं किया जाता है। एक कैथेटर के माध्यम से बच्चे के जन्मजात हृदय दोष का इलाज किया जाता है। इस प्रकार की सर्जरी में बच्चे को दर्द बहुत कम होता है और बच्चा बहुत जल्दी ठीक हो जाता है।
  • इनवेसिव – इनवेसिव सर्जरी में हार्ट को ओपन किया जाता है और फिर जन्मजात हृदय दोष का इलाज किया जाता है। इस सर्जरी में बच्चे को थोड़ा दर्द होता है और ठीक होने में थोड़ा टाइम लगता है।

1 साल से ऊपर बच्चे के अंडर आपको कुछ इस प्रकार से लक्षण दिखाई देगा –

  • बार बार सर्दी झुखाम , बुखार और निमोनिया होना
  • वजह न बढ़ना और बच्चे का वजन कम होना
  • सांस लेने में समस्या होना
  • भूख न लगना
  • दिल के धड़कन का तेज होना
  • बच्चे के होठ और नाखुनो का नीला होना
  • चलते वक़्त , दौड़ते वक़्त और खेलते वक़्त जल्दी थक जान और लम्बी लम्बी सांस लेना
  • बच्चे का शारीरिक ग्रोथ न बढ़ना

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इस प्रकार के लक्षण आपको बच्चे के अंडर दिखाई देगा जब बच्चा धीरे धीरे बड़ा होता है। कभी कभी ये सभी लक्षण आपको बच्चे के बचपन में दिखाई नहीं देता है और जैसे जैसे बच्चा बड़ा होते जाता है उसके अंडर धीरे धीरे ये सभी लक्षण आपको दिखाई देने लग जाता है । जब कभी भी ये सभी लक्षण आपको बच्चे के अंडर दिखाई दे तो अपने नज़दीकी पीडिएट्रिशन डॉक्टर को दिखाए।

जन्मजात हृदय दोष (न्यू बोर्न बेबी हार्ट होल) से सम्बंधित कोई भी सवाल हो तो आप हमें इस नंबर 9650603438 पर कॉल कर सकते है या फिर हमारे वेबसाइट https://www.genesis-foundation.net/ पर visit कर सकते है

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