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बच्चों में दिल के छेद के कारण सीने में दर्द: कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?

September 10, 2025 | Contributed by Shivam Gupta

बच्चों में दिल के छेद के कारण सीने में दर्द: कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?

जन्मजात हृदय रोग के कई सारे कारण हो सकते हैं जैसे कि – गर्भावस्था के दौरान खान पान का ध्यान ना रखना, गर्भावस्था के दौरान बिना डॉक्टर की सलाह के दवाओं का सेवन करना, गर्भावस्था के दौरान नशीली चीज़े जैसे की शराब, धूम्रपान करना और भी ऐसे कई कारण हो सकते जिस से बच्चों के दिल में छेद हो सकता है।

कई बार यह दिल में छेद अपने आप ही बंद हो जाता है या डॉक्टर की सलाह द्वारा दवाओं का उपयोग करने से कुछ दिन बाद भर सकता है । लेकिन कई बार यह जब अपने से और बिना डॉक्टर की सलाह से नहीं भरता है तो फिर हमे दोबारा डॉक्टर की सलाह की जरुरत होती है और जब यह दिल का छेद अपने से नहीं भरता है तब दिल में छेद होने के लक्षण दिखाई देते है जैसे-

  • बच्चों को सांस लेने में दिक्कत
  • चलते-फिरते समय बच्चों का जल्दी थक जाना
  • बच्चों का समय के साथ वजन न बढ़ना
  • बच्चों का शरीर का कलर नीला पड़ जाना (cyanosis)
  • बच्चों के सीने में दर्द होना
  • बारबार सर्दी जुखाम और बुखार होना

और भी कई सारे दिल में छेद होने के लक्षण हो सकते है । जब बच्चो को ये सारे दिल में छेद होने के लक्षण दिखाई देते है तो हमे डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए । फिर डॉक्टर ऐसे बच्चो को ईको और एक्स-रे की सहायता से पता चलता है की बच्चे को क्या समस्या है । तब डॉक्टर बच्चे को सर्जरी या आगे के इलाज के लिए सलाह देता है । तब हमे फिर आगे बच्चे का इलाज कराना चाहिए ।

बच्चों के दिल में छेद के लक्षण और इलाज

और कभी कभी बच्चो के दिल में छेद होने के लक्षण अगर जन्म से ही दिखने लगते है तो डॉक्टर के द्वारा पेरेंट्स को पता चल जाता है । तब डॉक्टर की सलाह से कुछ समय का इन्तजार करने के बाद डॉक्टर के संपर्क में रहना चाहिए । तब डॉक्टर की सलाह से हम बच्चे का इलाज करा सकते है । जब कुछ समय के बाद बच्चे को दवाओं से ठीक नहीं होता है तो डॉक्टर बच्चे को सर्जरी की सलाह देते है । यदि बच्चे को दिल का छेद बड़ा है और उसके लक्षण भी ज्यादा गंभीर है तो इस परिस्थिति में बच्चे का कैथेटराइजेशन प्रक्रिया या ओपन हार्ट सर्जरी किया जाता है।

  • कैथेटराइजेशन प्रक्रिया – इस प्रकार की सर्जरी में बच्चे को दर्द कम होता और बच्चा जल्दी ठीक हो जाता है। कैथेटराइजेशन प्रकिया में बच्चे को 1 से 2 दिन के अंदर हॉस्पिटल से डिस्चार्ज मिल जाता है और जल्दी जल्दी रिकवरी भी कर लेता है।
  • ओपन हार्ट सर्जरी – ओपन हार्ट सर्जरी में थोड़ा दर्द होता है और हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने में कुछ दिन लग जाते है। बच्चे को रिकवरी करने में थोड़ा समय लग जाता है।

निष्कर्ष

निष्कर्ष रूप में कहा जा सकता है कि अगर बच्चे में दिल के छेद के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। केवल डॉक्टर ही सही जांच के बाद बता सकते हैं कि छेद छोटा है, जो दवाइयों से भर सकता है, या फिर बड़ा है जिसके लिए सर्जरी या अन्य प्रक्रियाओं की आवश्यकता पड़ सकती है। समय पर परामर्श और इलाज से बच्चे की सेहत और जीवन दोनों सुरक्षित रह सकते हैं।

जेनेसिस फाउंडेशन को संपर्क करें

बच्चों में दिल के छेद के कारण सीने में दर्द: कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?

इस ब्लॉग के ज़रिये हमने जाना कि अगर बच्चों के दिल में छेड़ है तो कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए? अगर आपको लग रहा है की आपके बच्चे या आपके आस पास किसी बच्चे को जन्मजात हृदय दोष है तो आप जेनेसिस फाउंडेशन को संपर्क कर सकते हैं। जेनेसिस फाउंडेशन एक चाइल्ड हार्ट फाउंडेशन है जो उन बच्चों की मदद करते हैं जिनके दिल में छेड़ है और जो गरीब परिवार से हैं। हमारे चालीस से अधिक हॉस्पिटल पार्टनर्स हैं जहाँ हम बच्चों का दिल में छेद ठीक करने का ट्रीटमेंट करवाते हैं। अधिक जानकारी के लिए आप हमे इस ईमेल पर मैसेज लिखे contactus@genesis-foundation.net या इस नंबर पर संपर्क करे- +91 96506 03438

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