परिवार में यदि पहले दिल की बीमारी रही है तो क्या बच्चे को स्क्रीन करना चाहिए? जानिए विशेषज्ञों की सलाह - Blog

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परिवार में यदि पहले दिल की बीमारी रही है तो क्या बच्चे को स्क्रीन करना चाहिए? जानिए विशेषज्ञों की सलाह

July 30, 2025 | Contributed by Rahul Ray

परिवार में यदि पहले दिल की बीमारी रही है तो क्या बच्चे को स्क्रीन करना चाहिए? जानिए विशेषज्ञों की सलाह

परिवार में यदि किसी को दिल की बीमारी है तो बच्चे को जरूर स्क्रीन करवाना चाहिए क्योंकि जन्मजात हृदय रोग जेनेटिक भी होता है। अगर बच्चे को स्क्रीन करवाते है तो इस बात का पता चल जाता है कि बच्चे को कोई जन्मजात हृदय रोग तो नहीं हो गया है। जन्मजात हृदय रोग होने से बच्चे के दिल का विकास नहीं हो पाता और जिसके कारण बच्चे के दिल में सुराख हो जाता है। दिल में सुराख होने के कई कारण हो सकता है| आइये जानते है की दिल में सुराख कैसे होता है?

  • ➤ गर्भावस्था के दौरान धूमप्रान करना
  • ➤ गर्भावस्था के दौरान शराब का सेवन करना
  • ➤ बिना डॉक्टर के परामर्श के दवाइयां लेना
  • ➤ गर्भावस्था के दौरान मधुमेह (डायबिटीज) को नियंत्रण न रखना
  • ➤ परिवार में दिल से संबंधित (जेनेटिक) समस्या होना

इन सब कारणों से बच्चे को जन्मजात हृदय दोष होता हैI

यदि बच्चे को जन्मजात हृदय दोष हो जाए तो क्या करे है – आइए समझते है|

जब कोई महिला गर्भवती होती है, तो ऊपर बताए गए कारणों में से कोई भी अगर कारण होता है तो आप अपने नजदीकी पीडियाट्रिक को दिखाए। पीडियाट्रिशन डॉक्टर अपने अनुभव के अनुसार जांच करेंगे और बच्चे के दिल में कोई परेशान है या नहीं । इस बात का पता लगाएंगे।

यदि गर्भ में जांच के दौरान बच्चे के दिल में सुराख पाया जाता है तो, बच्चे के जन्म के बाद डॉक्टर बच्चे का दोबारा जांच करते है और सुराख कितना बड़ा है, उस बात का पता लगाते है। अगर बच्चे के दिल में सुराख छोटा है और डॉक्टर को लगता है कि दवाइयों से बच्चे के दिल का सुराख ठीक हो जाएगा तो कुछ महीनों के लिए बच्चे को मेडिकेशन पर रखा जाता है।

जन्मजात हृदय रोग का इलाज किस प्रकार किया जाता है

जन्मजात हृदय रोग का इलाज इस प्रकार हो सकता है- (1) दवाईयां और (2) सर्जरी

  • ➤ दवाईयां – जन्म के बाद अगर बच्चे के दिल में छेद छोटा होता है तो दवाइयों की मदद से उसको सुराख को ठीक करने की कोशिश करते है|
  • ➤ सर्जरी – सर्जरी दो प्रकार की होती है एक होती है कैथ प्रोसीजर और दूसरा होता है ओपन हार्ट सर्जरी
    1. कैथ प्रोसीजर – कैथ प्रोसीजर में पैरों के जांघ से नसों के द्वारा इक्यूपमेंट को दिल तक पहुंचाया जाता है और फिर दिल के सुराख को ठीक किया जाता है। इसमें बच्चे को दर्द बहुत कम होता है और बच्चा जल्दी ही ठीक हो जाता है
    2. ओपन हार्ट सर्जरी – इसमें हार्ट को ओपन करने बच्चे के जन्मजात हृदय दोष को ठीक किया है। इसमें बच्चे को ठीक होने में थोड़ा समय लगता है और ऑपरेशन के बाद बच्चे को कुछ दिन तक हॉस्पिटल में रखते है। जबकि कैथ प्रोसीजर में 2 से 3 दिन में बच्चे को घर भेज दिया जाता है।

परिवार में यदि पहले दिल की बीमारी रही है तो क्या बच्चे को स्क्रीन करना चाहिए? जानिए विशेषज्ञों की सलाह

आज के इस युग में जन्मजात हृदय दोष का इलाज संभव है। बस सही जानकारी और सही समय पर बच्चे का इलाज करवाना जरूरी है। ताकि बच्चे को भविष्य में किसी प्रकार से जन्मजात हृदय रोग के कारण कुछ तकलीफ न झेलना पड़े।

जेनेसिस फाउंडेशन जो कि जन्मजात हृदय दोष के इलाज के लिए पिछले कही वर्षों से गरीब परिवार के साथ खड़ा है और अब तक हजारों बच्चों का इलाज करवा चुके है। जेनेसिस फाउंडेशन स्क्रीनिंग कैम्प्स भी आयोजित करता है। अगर आपके बच्चे को या आप के जान पहचान में किसी बच्चे के दिल में छेड़ है तो तुरंत हमे संपर्क करे।

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