बच्चों में जन्मजात हृदय रोग का इलाज समय पर क्यों जरूरी है?
June 17, 2026 | Contributed by Shivam Gupta

आजकल बच्चों में जन्मजात हृदय रोग के मामले पहले की तुलना में अधिक देखने को मिल रहे हैं। कई बच्चों का जन्म दिल की कुछ समस्याओं के साथ होता है, जिनमें दिल में छेद होना भी शामिल है। ऐसे में माता-पिता के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि बच्चे के दिल में छेद के लक्षण क्या होते हैं और इसका इलाज समय पर क्यों करवाना चाहिए।
बच्चे के दिल में छेद के लक्षण
यदि किसी बच्चे के दिल में छेद है, तो उसमें कुछ सामान्य बच्चे के दिल में छेद के लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जैसे:
- सांसलेने में तकलीफ होना
- बच्चे का वजन और शारीरिक विकास सामान्य रूप से न होना
- खेलने-कूदनेमें जल्दी थक जाना
- बार-बार खांसी और सर्दी-जुकाम होना
- दूधपीते समय या खाना खाते समय थकावट महसूस होना
अगर बच्चे में इस प्रकार के बच्चे के दिल में छेद के लक्षण दिखाई दें, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।तुरंत किसी बाल हृदय रोग विशेषज्ञ या नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
जन्मजात हृदय रोग की पहचान कैसे होती है?
जब बच्चे को डॉक्टर के पास ले जाया जाता है, तो डॉक्टर सबसे पहले उसकी सामान्य जांच करते हैं। इसके बाद जरूरत पड़ने पर कुछ महत्वपूर्ण जांच कराने की सलाह देते हैं, जैसे:
- ईसीजी(ECG)
- इकोकार्डियोग्राफी(ECHO)
- चेस्टएक्स-रे
इन जांचों की रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टर यह समझ पाते हैं कि बच्चे को किस प्रकार की हृदय संबंधी समस्या है और उसकी गंभीरता कितनी है।क्योंकि जन्मजात हृदय रोग कई प्रकार के होते हैं, इसलिए सही निदान बहुत जरूरी होता है।
जन्मजात हृदय रोग का इलाज
जन्मजात हृदय रोग का इलाज बच्चे की स्थिति और बीमारी की गंभीरता पर निर्भर करता है। कुछ मामलों में डॉक्टर दवाओं के माध्यम से इलाज शुरू करते हैं और बच्चे की स्थिति पर नजर रखते हैं। यदि दवाओं से पर्याप्त सुधार नहीं होता है, तो आगे के उपचार पर विचार किया जाता है। आज के समय में कई बच्चों का इलाज डिवाइस और कैथेटर आधारित तकनीकों से किया जाता है। इस प्रक्रिया में बिना बड़ी सर्जरी के दिल के छेद को बंद किया जा सकता है। यह उपचार अपेक्षाकृत सुरक्षित होता है और बच्चे को जल्दी रिकवरी मिलती है। यदि समस्या अधिक जटिल हो या कैथेटर-आधारित उपचार संभव न हो, तो डॉक्टर ओपन हार्ट सर्जरी की सलाह दे सकते हैं। आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के कारण आज इन सर्जरी की सफलता दर काफी बेहतर हो चुकी है।
समय पर जन्मजात हृदय रोग का इलाज क्यों जरूरी है?
यदि जन्मजात हृदय रोग का इलाज समय पर नहीं किया जाए, तो बच्चे के विकास पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा फेफड़ों और हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ने से भविष्य में गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं। समय पर जांच, सही निदान और उचित उपचार से अधिकांश बच्चे स्वस्थ और सामान्य जीवन जी सकते हैं।
इसके विपरीत, यदि जन्मजात हृदय रोग की पहचान शुरुआती अवस्था में हो जाए और समय पर उचित उपचार किया जाए, तो बच्चे के शारीरिक विकास, ऊर्जा स्तर और जीवन की गुणवत्ता में बेहतर सुधार देखा जा सकता है। आधुनिक चिकित्सा तकनीकों की मदद से आज अधिकांश बच्चों का सफलतापूर्वक उपचार संभव है, जिससे वे सामान्य और सक्रिय जीवन जी सकते हैं।
इसलिए यदि आपको बच्चे में दिल की बीमारी से जुड़े कोई भी लक्षण दिखाई दें, तो बिना देरी किए विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें। बच्चों के दिल में छेद के लक्षण और इलाज के बारे में सही जानकारी होना बहुत जरूरी है। जन्मजात हृदय रोग का इलाज समय पर करवाने से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है और बच्चे को स्वस्थ भविष्य दिया जा सकता है। इसलिए जागरूक रहें और किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें।
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यदि आप किसी बच्चे को जानते हैं, जो जन्मजात हृदय दोष से जूझ रहे हैं और जिन्हें सही समय पर इलाज की ज़रूरत है जेनेसिस फाउंडेशन जैसी कई संस्थाएँ दिल्ली एनसीआर में बच्चों के इलाज के लिए लगातार काम कर रही हैं और ज़रूरतमंद परिवारों की मदद कर रही हैं।
यदि आप बच्चों के जन्मजात हृदय रोग के बारे में अधिक जानना चाहते हैं या किसी जरूरतमंद बच्चे की मदद करना चाहते हैं, तो जेनेसिस फाउंडेशन, दिल्ली में बच्चों के इलाज के लिए NGO, से जुड़ सकते हैं।
फोन: +91 96506 03438
